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Anmol Bishnoi Surrender Plea: सलमान खान केस में सरेंडर करने मुंबई कोर्ट पहुंचा गैंगस्टर का भाई

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Anmol Bishnoi Surrender Plea
Anmol Bishnoi Surrender Plea

साल 2024 का वो हफ्ता शायद ही कोई भूला हो, जब मुंबई के बांद्रा इलाके में तड़के सुबह गोलियों की गूंज सुनाई दी थी। सुपरस्टार सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई उस फायरिंग ने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब एक ऐसा कानूनी मोड़ आया है जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी। तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने मुंबई की एक विशेष मकोका (MCOCA) कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस केस से जुड़ी सबसे बड़ी खबर यही है कि कानूनी गलियारों में Anmol Bishnoi Surrender Plea यानी अनमोल बिश्नोई सरेंडर अर्जी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अनमोल ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसे इस मामले में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करने और चल रहे ट्रायल में शामिल होने की इजाजत दी जाए।

इस अचानक बदले घटनाक्रम ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और कानूनी विशेषज्ञों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। आखिर जो गैंगस्टर कल तक कानून से भाग रहा था, जिसे अमेरिका से डिपोर्ट करके भारत लाया गया, वह अचानक इस केस में खुद को कानून के हवाले क्यों करना चाहता है? आइए इस पूरे मामले को तसल्ली से समझते हैं।

गैलेक्सी अपार्टमेंट फायरिंग: क्या था पूरा मामला?

घटना 14 अप्रैल 2024 की है। दो मोटरसाइकिल सवार शूटरों ने सलमान खान के घर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की और फरार हो गए। इस हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए ली गई, जिसे कथित तौर पर अनमोल बिश्नोई ने ही अपलोड किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगा दिया गया।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि यह सिर्फ डराने की कोशिश नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी। इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जो फिलहाल न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं। मुख्य आरोपी के तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई का नाम सामने आया, क्योंकि पुलिस का दावा था कि शूटरों को निर्देश सीधे इन्हीं से मिल रहे थे।

Anmol Bishnoi Surrender Plea के कानूनी मायने और इसके पीछे की रणनीति

जब कोई आरोपी खुद आगे बढ़कर कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण की बात करता है, तो उसके पीछे कानूनी दांव-पेंच जरूर होते हैं। कोर्ट में दाखिल की गई Anmol Bishnoi Surrender Plea में अनमोल के वकीलों ने तर्क दिया है कि वह “एक निष्पक्ष सुनवाई (Fair Trial) और न्याय के हित में” इस केस की कार्यवाही का हिस्सा बनना चाहता है।

कानूनी जानकारों का मानना है कि इसके पीछे दो मुख्य वजहें हो सकती हैं:

  1. ट्रायल में देरी से बचना: इस मामले में कोर्ट पहले ही आरोप (Charges) तय कर चुका है और अब तक तीन मुख्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं। अनमोल को शायद यह अहसास है कि उसकी गैर-मौजूदगी में केस आगे बढ़ रहा है और अगर वह इसका हिस्सा नहीं बनता, तो उसके खिलाफ एकतरफा सबूत मजबूत हो सकते हैं।
  2. कानूनी सुरक्षा: जब कोई आरोपी खुद को कोर्ट के सुपुर्द करता है, तो वह यह दिखाने की कोशिश करता है कि वह कानून का सम्मान कर रहा है। इससे भविष्य में सजा की अवधि या बेल (जमानत) की अपीलों में कानूनी राहत मिलने की गुंजाइश थोड़ी बढ़ जाती है।

क्या मकोका कोर्ट स्वीकार करेगी Anmol Bishnoi Surrender Plea?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मुंबई की विशेष अदालत इस पर क्या फैसला लेगी। फिलहाल कोर्ट ने इस Anmol Bishnoi Surrender Plea पर सरकारी वकील (Prosecution) से जवाब मांगा है। पुलिस और अभियोजन पक्ष इस अर्जी का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं क्योंकि अनमोल बिश्नोई कोई सामान्य आरोपी नहीं है।

चूंकि वह पहले से ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक दूसरे मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है, इसलिए मुंबई कोर्ट सीधे तौर पर उसे रिहा नहीं कर सकती। अनमोल के वकीलों ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि तिहाड़ जेल प्रशासन को एक ‘प्रोडक्शन वारंट’ जारी किया जाए। इस वारंट के जरिए या तो उसे फिजिकली मुंबई लाया जाएगा या फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी कोर्ट में मौजूदगी दर्ज कराकर उसका सरेंडर स्वीकार किया जाएगा।

एक नज़र केस की मौजूदा स्थिति पर:

  • घटना की तारीख: 14 अप्रैल 2024 (सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग)
  • लागू कानून: MCOCA (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट)
  • मौजूदा स्टेटस: आरोप तय हो चुके हैं, 3 गवाहों के बयान दर्ज हैं।
  • नया मोड़: अनमोल बिश्नोई की तरफ से सरेंडर की आधिकारिक याचिका।

बिश्नोई गैंग और सलमान खान का पुराना विवाद

इस पूरे विवाद की जड़ें आज की नहीं हैं, बल्कि यह मामला साल 1998 के काले हिरण (Blackbuck) शिकार मामले से जुड़ा हुआ है। बिश्नोई समाज में काले हिरण को बेहद पवित्र माना जाता है। लॉरेंस बिश्नोई ने कई साल पहले यह ऐलान किया था कि वह सलमान खान को इस घटना के लिए कभी माफ नहीं करेगा।

पिछले कुछ सालों में सलमान खान को लगातार धमकियां मिलती रही हैं, जिसके कारण उनकी सुरक्षा को अपग्रेड करके Y-प्लस श्रेणी का किया गया है। अनमोल बिश्नोई का इस केस में सरेंडर करने की इच्छा जताना, इस सालों पुराने विवाद में एक बिल्कुल नया चैप्टर जोड़ देता है।

आगे क्या होगा?

आने वाले दिनों में मुंबई कोर्ट में होने वाली सुनवाई बेहद अहम होगी। अगर कोर्ट अनमोल की इस अर्जी को स्वीकार कर लेती है, तो मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को उससे सीधे पूछताछ करने का मौका मिल सकता है। इससे सलमान खान फायरिंग केस से जुड़े कई ऐसे राज सामने आ सकते हैं जो अब तक फाइलों में बंद थे।

यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकारी वकील इस सरेंडर अर्जी का विरोध करते हैं या कुछ शर्तों के साथ इसे स्वीकार करने की सहमति देते हैं। जो भी हो, इस एक फैसले का असर सलमान खान की सुरक्षा और बिश्नोई गैंग के खिलाफ चल रहे बड़े ऑपरेशन्स पर जरूर पड़ेगा।

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