पंजाबी सिनेमा से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग और गायकी का लोहा मनवाने वाले दिलजीत दोसांझ हमेशा अपने काम और डाउन-टू-अर्थ (Down to Earth) स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। लेकिन हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सभी का दिल छू लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स और फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान के खुलासे के अनुसार, Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee फॉर द मूवी ‘सतलुज’। जी हां, करोड़ों रुपये फीस लेने वाले सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ ने इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए केवल एक रुपया फीस ली है। यह फिल्म पंजाब के प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता (Human Rights Activist) जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है। आइए जानते हैं कि आखिर क्या थी वो भावुक वजह, जिसके चलते दिलजीत ने इस फिल्म के लिए कोई भी फीस लेने से मना कर दिया।
कौन थे जसवंत सिंह खालड़ा और क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म ‘सतलुज’ की बात करने से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिर जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे। जसवंत सिंह खालड़ा पंजाब के एक बैंक कर्मचारी और मानवाधिकार कार्यकर्ता थे। 1984 से 1994 के बीच पंजाब में फैले उग्रवाद और पुलिस एनकाउंटर्स के दौर में उन्होंने एक बहुत बड़े सच का पर्दाफाश किया था।
खालड़ा ने सरकारी श्मशान घाटों के रिकॉर्ड्स निकालकर यह साबित किया था कि पुलिस ने हजारों अज्ञात और लावारिस शवों का अवैध रूप से अंतिम संस्कार किया था। उन्होंने दुनिया के सामने यह सच रखा था, जिसकी कीमत उन्हें अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। 1995 में पुलिस कस्टडी में उनकी रहस्यमयी मौत हो गई थी। फिल्म ‘सतलुज’ (जिसका पुराना नाम ‘Punjab 95’ था) इन्हीं जसवंत सिंह खालड़ा की साहसिक कहानी को रूपहले पर्दे पर लाती है।
Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee: डायरेक्टर हनी त्रेहान का बड़ा खुलासा
फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में फिल्म की मेकिंग और कास्टिंग को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने साल 2021 में दिलजीत दोसांझ को यह फिल्म ऑफर की, तो उनका रिएक्शन ऐसा था जिसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी।
हनी त्रेहान ने बताया, “जब मैं दिलजीत के पास गया और उन्हें स्क्रिप्ट के साथ-साथ जसवंत सिंह खालड़ा की तस्वीरें और रिसर्च मैटेरियल दिखाया, तो वह बहुत भावुक हो गए थे।” इसी दौरान यह बात सामने आई कि Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee। हनी ने बताया कि दिलजीत अपनी कुर्सी से उठे, स्क्रिप्ट को अपने माथे से लगाया और कहा कि वह इस महान इंसान का किरदार निभाने के लिए पैसे कैसे ले सकते हैं।
“खालड़ा साहब के रोल के लिए पैसे लेना शर्मनाक होगा”
डायरेक्टर हनी त्रेहान ने इंटरव्यू में दिलजीत दोसांझ के उन शब्दों को हूबहू बताया, जिसने पूरी टीम को रुला दिया था। दिलजीत ने कहा था, “वाहेगुरु… मैं खालड़ा साहब जैसे महान इंसान का किरदार निभाने के लिए पैसे कैसे ले सकता हूँ? यह मेरे लिए बेहद शर्मनाक (Shameful) होगा।”
दिलजीत ने साफ कर दिया था कि यह फिल्म उनके लिए कोई कमर्शियल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि पंजाब के इतिहास और एक सच्चे हीरो को दी जाने वाली श्रद्धांजलि है। जब प्रोडक्शन हाउस की तरफ से लीगल कॉन्ट्रैक्ट और कागजी कार्रवाई पूरी करने की बात आई, तब जाकर दिलजीत सिर्फ टोकन अमाउंट (Token Amount) के तौर पर 1 रुपया लेने के लिए तैयार हुए।
Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee: बॉलीवुड स्टार को क्यों नहीं किया कास्ट?
इस फिल्म की कास्टिंग के दौरान कई लोगों ने हनी त्रेहान से सवाल किया था कि उन्होंने किसी बड़े बॉलीवुड सुपरस्टार को क्यों नहीं लिया। इस पर हनी ने बहुत ही बेबाकी से जवाब दिया। उनका मानना था कि अगर वह किसी बॉलीवुड स्टार को कास्ट करते, तो पूरी चर्चा इस बात पर शिफ्ट हो जाती कि उस एक्टर ने पर्दे पर ‘सरदार’ का रोल कैसे प्ले किया है।
हनी ने कहा, “मैं शुरू से ही किसी ऐसे सिख अभिनेता को कास्ट करना चाहता था, जो पंजाब के उस दौर के दर्द और इतिहास को समझता हो। यह खालड़ा साहब के सफर और उन लोगों के दर्द के साथ नाइंसाफी होती, जिनकी कहानी यह फिल्म बयां करती है।” यही वजह है कि जब यह खबर आई कि Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee, तो लोगों को यह समझ आ गया कि दिलजीत का इस मिट्टी और इस कहानी से कितना गहरा जुड़ाव है। हनी त्रेहान ने यहां तक कहा कि अगर दिलजीत नहीं होते, तो शायद यह फिल्म कभी बन ही नहीं पाती।
‘सतलुज’ फिल्म का विवादों से गहरा नाता
दिलजीत दोसांझ की यह बेहतरीन फिल्म शुरुआत से ही विवादों में घिरी रही है। इस फिल्म का पहला नाम ‘Punjab 95’ था। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC – सेंसर बोर्ड) ने इस फिल्म को पास करने में लगभग 3 साल का समय लिया।
बोर्ड ने फिल्म में कई सारे कट्स (Cuts) लगाने को कहा था, जिसके खिलाफ मेकर्स ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। फाइनली, बिना किसी बड़े कट के इस फिल्म का नाम बदलकर ‘Satluj‘ कर दिया गया। लेकिन विवाद यहीं नहीं थमे।
जुलाई 2026 में इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया। दर्शकों ने दिलजीत की एक्टिंग की जबरदस्त तारीफ की, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता के चलते फिल्म को रिलीज के महज 48 घंटे के भीतर ही भारत में प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया।
Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee: दर्शकों और फैंस का कैसा रहा रिएक्शन?
भले ही यह फिल्म फिलहाल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटा ली गई हो, लेकिन दिलजीत दोसांझ के इस कदम ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। सोशल मीडिया (X, Instagram) पर जैसे ही यह खबर वायरल हुई कि Diljit Dosanjh Charged 1 Rupee, फैंस उनके सम्मान में लगातार पोस्ट कर रहे हैं।
फैंस का कहना है कि आज के दौर में जहां एक्टर्स एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये वसूलते हैं, वहां दिलजीत का यह कदम साबित करता है कि वह सिर्फ एक अच्छे कलाकार ही नहीं, बल्कि एक बेहद नेक इंसान भी हैं। एक यूजर ने लिखा, “दिलजीत ने बता दिया कि कुछ कहानियां पैसों से कहीं बढ़कर होती हैं।” वहीं दूसरे ने लिखा, “हमें गर्व है कि दिलजीत पंजाब का असली दर्द समझते हैं।”
निष्कर्ष: पैसों से ऊपर है कला और इतिहास का सम्मान
दिलजीत दोसांझ द्वारा ‘सतलुज’ फिल्म के लिए सिर्फ 1 रुपया फीस लेना बॉलीवुड और पंजाबी सिनेमा के इतिहास में एक मिसाल बन गया है। यह घटना हमें बताती है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भूले-बिसरे इतिहास और नायकों को जिंदा रखने का एक ताकतवर माध्यम भी है।
भले ही फिल्म ‘सतलुज’ अभी बैन या सेंसरशिप का सामना कर रही हो, लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी और उसे दुनिया तक पहुंचाने का दिलजीत दोसांझ का जज्बा कभी नहीं दबेगा। उम्मीद है कि जल्द ही यह फिल्म कानूनी अड़चनों को पार कर आम दर्शकों के लिए दोबारा उपलब्ध होगी, ताकि हर कोई खालड़ा साहब के बलिदान और दिलजीत की बेहतरीन अदाकारी को देख सके।



