Friday, July 3, 2026

Isha Koppikar On Ageism In Films: आधी उम्र की लड़कियों से रोमांस करते हैं एक्टर्स, ईशा कोप्पिकर ने बॉलीवुड के दोहरे रवैये पर उठाए तीखे सवाल!

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बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया बाहर से जितनी खूबसूरत और परफेक्ट दिखाई देती है, इसके अंदर के सच उतने ही पेचीदा और कई बार झकझोर देने वाले होते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से अभिनेत्रियों के करियर की उम्र, उनके लुक और कास्टिंग को लेकर कई तरह के दोहरे मापदंड अपनाए जाते रहे हैं। इसी गंभीर विषय पर हाल ही में बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो शेयर किया है, जिसने पूरी इंडस्ट्री में तहलका मचा दिया है। हर तरफ Isha Koppikar On Ageism In Films की चर्चा जोरों पर है, क्योंकि ईशा ने बिना किसी झिझक के सीधे तौर पर फिल्म मेकर्स और दर्शकों की मानसिकता पर तीखा प्रहार किया है।

ईशा ने सवाल उठाया है कि आखिर क्यों फिल्मों में 50 या 60 साल के सुपरस्टार्स अपने से आधी उम्र की यानी 20 से 25 साल छोटी लड़कियों के साथ बड़े पर्दे पर रोमांस करते नजर आते हैं, और समाज उसे बहुत आसानी से स्वीकार भी कर लेता है? वहीं दूसरी तरफ, अगर कोई मैच्योर एक्ट्रेस अपनी उम्र को खुलकर जीती है, तो उसे ‘बिहेव योर एज’ यानी अपनी उम्र के हिसाब से रहने का ताना दे दिया जाता है। ईशा कोप्पिकर का यह गुस्सा और उनकी यह बेबाकी सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि यह उन तमाम महिला कलाकारों का दर्द है जो सालों से इस भेदभाव को चुपचाप सहती आ रही हैं। आइए इस पूरे विवाद, ईशा के वीडियो के पीछे की कहानी और बॉलीवुड के इस छिपे हुए दोहरे रवैये को गहराई से समझने की कोशिश करते हैं।

क्या यह सचमुच नॉर्मल है? क्यों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है Isha Koppikar का यह वीडियो?

ईशा कोप्पिकर ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक बेहद ही विचारणीय वीडियो रील पोस्ट की, जिसके बाद से ही इंटरनेट पर Isha Koppikar On Ageism In Films का मुद्दा एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है। इस वीडियो में ईशा ने समाज और सिनेमा जगत के उस कड़वे सच को उजागर किया है, जिससे अक्सर लोग नजरें चुरा लेते हैं। उन्होंने वीडियो की शुरुआत ही बहुत ही तार्किक और चुभते हुए शब्दों से की है। ईशा ने कहा कि हमारे समाज की यह रीत बेहद अजीब है कि जब किसी पुरुष की उम्र बढ़ती है, तो उसे उसके ‘अनुभव’ और ‘मैच्योरिटी’ के रूप में देखा जाता है। लोग कहते हैं कि उम्र के साथ वह और ज्यादा हैंडसम और काबिल हो गया है। लेकिन जैसे ही किसी महिला की उम्र बढ़ती है, तो उसकी बढ़ती उम्र को समाज एक ‘समस्या’ (Problem) की तरह देखने लगता है।

ईशा ने आगे सवाल किया कि फिल्मों में बड़े एक्टर्स अपनी बेटी की उम्र की हीरोइनों के साथ रोमांस करते हैं, गाने गाते हैं और उन्हें इसके लिए कोई कुछ नहीं कहता। लोग सिनेमाघरों में तालियां बजाते हैं और इसे पूरी तरह से सामान्य मान लेते हैं। उन्होंने बहुत ही संजीदगी से दर्शकों से पूछा, “क्या यह सचमुच बहुत नॉर्मल है?” उनका यह सवाल सीधे तौर पर उस मानसिकता को कटघरे में खड़ा करता है, जो पुरुषों और महिलाओं के लिए उम्र के अलग-अलग पैमाने तय करती है।

बॉलीवुड का दोहरा मापदंड: Isha Koppikar On Ageism In Films के जरिए सामने आई फीमेल एक्टर्स की कड़वी सच्चाई

अगर हम बॉलीवुड के इतिहास और वर्तमान की फिल्मों पर नजर डालें, तो ईशा की बातों में हमें 100 फीसदी सच्चाई नजर आएगी। इस Isha Koppikar On Ageism In Films वाले डिबेट ने इंडस्ट्री के उस ढर्रे को बेनकाब किया है, जहां अभिनेत्रियों का करियर अक्सर 35 से 40 साल की उम्र के बाद सिमटने लगता है। जहां एक तरफ 50 पार कर चुके एक्टर्स आज भी लीड हीरो के तौर पर फिल्में संभाल रहे हैं और युवा लड़कियों के अपोजिट कास्ट हो रहे हैं, वहीं उनके साथ करियर की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेसेस को या तो फिल्मों से गायब कर दिया जाता है या फिर उन्हें मां और भाभी के किरदारों में फिट कर दिया जाता है।

ईशा ने अपने वीडियो में इस बात पर भी गहरा दुख व्यक्त किया कि जब कोई मैच्योर महिला अपने तरीके से जिंदगी जीना चाहती है, स्टाइलिश कपड़े पहनती है, खुलकर हंसती है या अपनी पहचान को सेलिब्रेट करती है, तो लोग तुरंत कमेंट बॉक्स में आकर उसे ट्रोल करने लगते हैं। लोग उसे यह याद दिलाने की कोशिश करते हैं कि अब उसकी उम्र हो चुकी है और उसे सादगी से रहना चाहिए। ईशा का मानना है कि किसी भी महिला के आत्मविश्वास और उसकी गरिमा (Dignity) की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, इसे किसी महिला के अपमान या उसकी कमजोरी का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।

बॉलीवुड में एज गैप (Age Gap) कास्टिंग के कुछ बड़े उदाहरण:

  • अक्षय कुमार: कई फिल्मों में अपने से 25 से 28 साल छोटी अभिनेत्रियों (जैसे मानुषी छिल्लर, सारा अली खान) के साथ मुख्य भूमिका में नजर आए।
  • सलमान खान: हालिया फिल्मों में खुद से लगभग आधी उम्र की हीरोइनों के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर किया।
  • शाहरुख खान: फिल्म ‘जवान’ और ‘पठान’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में युवा अभिनेत्रियों के साथ रोमांस करते दिखे।
  • विपरीत स्थिति: बॉलीवुड में शायद ही कोई ऐसी फिल्म बनी हो जहां 50 साल की लीड एक्ट्रेस अपने से आधी उम्र के यानी 25 साल के युवा लड़के के साथ मुख्य हीरो के तौर पर रोमांस करती नजर आई हो।

बदलाव की उम्मीद: Isha Koppikar On Ageism In Films बहस से क्या बदलेगी सिनेमा की सोच?

‘खल्लास गर्ल’ के नाम से मशहूर ईशा कोप्पिकर ने जब से इस मुद्दे को उठाया है, तब से फैंस और कई सोशल मीडिया यूजर्स उनके समर्थन में उतर आए हैं। लोग कमेंट्स में लिख रहे हैं कि ईशा ने वही बात कही है जो हर महिला महसूस करती है। इस Isha Koppikar On Ageism In Films की गूंज अब फिल्म गलियारों में भी सुनाई देने लगी है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब किसी एक्ट्रेस ने इस पर बात की हो, इससे पहले भी कई सीनियर एक्ट्रेसेस ने माना है कि उम्र बढ़ने के बाद इंडस्ट्री में उनके लिए अच्छे रोल्स लिखना बंद कर दिए जाते हैं।

Filmy Galaxy के अनुसार, ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद से इस सोच में थोड़ा बदलाव जरूर आया है। अब शेफालिका शाह, रवीना टंडन, और सुष्मिता सेन जैसी बेहतरीन एक्ट्रेसेस को उनकी उम्र के हिसाब से बेहद दमदार और लीड रोल्स मिल रहे हैं। लेकिन कमर्शियल और बड़े बजट की सिनेमाई फिल्मों में आज भी वही पुराना ढर्रा चल रहा है, जहां बड़े सुपरस्टार्स के अपोजिट सिर्फ युवा लड़कियों को ही कास्ट करने की होड़ मची रहती है। ईशा कोप्पिकर का यह वीडियो एक रिमाइंडर है कि अब दर्शकों और फिल्म मेकर्स दोनों को अपनी सोच बदलनी होगी। अगर हम पुरुषों की बढ़ती उम्र को स्क्रीन पर स्वीकार कर सकते हैं, तो हमें महिलाओं की मैच्योरिटी और उनकी खूबसूरती को भी उसी सम्मान के साथ स्वीकार करना होगा।

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