बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान इन दिनों अपनी फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन हाल ही में वे एक वैश्विक मंच पर कुछ ऐसा बोल गए जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। दरअसल, लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल (London Indian Film Festival) में शिरकत करने पहुंचे आमिर खान ने लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘3 Idiots’ के कनेक्शन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। Aamir Khan Sonam Wangchuk के इस पूरे मामले पर खुलकर बोलते हुए न सिर्फ सालों पुराना भ्रम तोड़ा, बल्कि दिल्ली में चल रहे वांगचुक के अनशन और उनकी बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता भी जताई। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार और वांगचुक के बीच बातचीत सफल होगी और वे जल्द ही अपना अनशन खत्म करेंगे।
3 Idiots का ‘रेंचो’ और लद्दाख का कनेक्शन: क्या है सच?
साल 2009 में जब राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘3 Idiots’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। फिल्म में आमिर खान द्वारा निभाया गया ‘फुंसुख वांगडू’ उर्फ ‘रेंचो’ का किरदार हर किसी के दिल में उतर गया। फिल्म के अंत में दिखाया जाता है कि रेंचो लद्दाख में एक अनूठा स्कूल चलाता है और ढेरों आविष्कार करता है।
संयोग से, लद्दाख के वास्तविक जीवन के नायक सोनम वांगचुक भी ठीक ऐसा ही काम करते हैं। वे SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) के संस्थापक हैं और अपने अनोखे आविष्कारों (जैसे आइस स्तूप) के लिए जाने जाते हैं। यही वजह थी कि पिछले 17 सालों से पूरी दुनिया यही मानती आ रही थी कि रेंचो का किरदार किसी और से नहीं, बल्कि सोनम वांगचुक से ही प्रेरित था। इंटरनेट पर लाखों आर्टिकल्स और वीडियोज में इस बात का दावा किया जाता रहा है। लेकिन अब खुद आमिर खान ने इस पर से पर्दा उठा दिया है।
Aamir Khan Sonam Wangchuk को लेकर बोले- ‘यह महज एक गलतफहमी है’
लंदन में आयोजित इवेंट के दौरान जब एक पत्रकार ने आमिर खान से सोनम वांगचुक के मौजूदा आंदोलन और फिल्म ‘3 Idiots‘ के जुड़ाव पर सवाल किया, तो आमिर ने बेहद शालीनता से सालों पुरानी इस धारणा को खारिज कर दिया। आमिर खान ने कहा, “यह पूरी तरह से एक गलतफहमी (misconception) है। मैं आज यह साफ कर देना चाहता हूं कि जब राजू हिरानी और अभिजात जोशी इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिख रहे थे, या जब हम इस फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, तब हममें से कोई भी मिस्टर सोनम वांगचुक के बारे में नहीं जानता था। हमने उनका नाम तक नहीं सुना था।”
आमिर ने आगे समझाते हुए कहा कि फिल्म ‘3 Idiots’ असल में मशहूर लेखक चेतन भगत के उपन्यास ‘फाइव पॉइंट समवन’ (Five Point Someone) पर आधारित थी। हालांकि, फिल्म की कहानी को किताब से काफी अलग रूप दिया गया था, लेकिन रेंचो का किरदार पूरी तरह से काल्पनिक था। आमिर ने हंसते हुए यह भी कहा कि लद्दाख का बैकड्रॉप और वहां के एक इनोवेटर की कहानी का सोनम वांगचुक के जीवन से मिलना महज एक खूबसूरत इत्तेफाक था, कोई जानबूझकर की गई प्रेरणा नहीं।
‘चतुर रामलिंगम’ के दावे पर आमिर खान का मजेदार जवाब
इस पूरे विवाद में एक नया मोड़ तब आया था जब कुछ समय पहले ‘3 Idiots’ में ‘चतुर रामलिंगम’ (साइलेंसर) का आइकॉनिक रोल निभाने वाले एक्टर ओमी वैद्य ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। ओमी वैद्य ने अपने वीडियो में दावा किया था कि रेंचो का किरदार पूरी तरह से सोनम वांगचुक पर आधारित है और उन्होंने वांगचुक के काम की तारीफ भी की थी।
जब आमिर खान को ओमी वैद्य के इस वीडियो की याद दिलाई गई, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “चतुर हमेशा गलत होता है, और इस बार भी वह गलत था!” आमिर के इस मजाकिया अंदाज ने इवेंट में मौजूद सभी लोगों को हंसा दिया। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि खुद सोनम वांगचुक ने भी अतीत में कई साक्षात्कारों में यह स्पष्ट किया है कि फिल्म मेकर्स ने कभी उनसे संपर्क नहीं किया था और न ही यह फिल्म उनकी बायोपिक है।
Aamir Khan Sonam Wangchuk के काम के प्रशंसक हैं, प्रेरणा की जरूरत नहीं
भले ही आमिर खान ने फिल्म के कनेक्शन से इनकार कर दिया हो, लेकिन उन्होंने सोनम वांगचुक के प्रति अपने सम्मान में कोई कमी नहीं आने दी। आमिर ने बहुत ही खूबसूरत बात कही कि किसी व्यक्ति के काम की सराहना करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि वह आपकी फिल्म का हिस्सा हो या आपका किरदार उनसे प्रेरित हो।
आमिर ने कहा, “मिस्टर सोनम वांगचुक एक अद्भुत इंसान हैं। वे लद्दाख और पर्यावरण के लिए जो काम कर रहे हैं, वह बेहद प्रभावशाली और सराहनीय है। हमें उनके काम का सम्मान करने के लिए किसी फिल्मी कनेक्शन की जरूरत नहीं है। वे अपने आप में एक हीरो हैं।” आमिर के इस बयान से यह साफ हो गया कि वे वांगचुक के लद्दाख संरक्षण आंदोलन और उनके सामाजिक योगदान के बड़े प्रशंसक हैं।
दिल्ली में सोनम वांगचुक का अनशन और बिगड़ती सेहत
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठे हैं। उनकी मुख्य मांगें लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) में शामिल करना, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देना और वहां के संवेदनशील पर्यावरण को बड़े कॉर्पोरेट्स के खनन और औद्योगिक शोषण से बचाना है।
वांगचुक के साथ लद्दाख के कई अन्य प्रदर्शनकारी भी दिल्ली आए हुए हैं। कड़कड़ाती ठंड और खुले आसमान के नीचे लगातार अनशन पर रहने के कारण सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है, लेकिन उन्होंने मांगों को पूरा किए बिना अनशन तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थन में देशव्यापी मुहिम चल रही है।
Aamir Khan Sonam Wangchuk की सेहत को लेकर चिंतित, की ये भावुक अपील
ब्लॉग के इस अंतिम हिस्से में बात करते हैं आमिर खान की उस मानवीय अपील की, जिसने इस पूरे इंटरव्यू को भावनात्मक बना दिया। आमिर खान ने केवल फिल्मी स्पष्टीकरण ही नहीं दिया, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर सोनम वांगचुक के जीवन की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाई।
आमिर खान ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “हम सब मिस्टर सोनम वांगचुक की सेहत और उनकी जिंदगी को लेकर बहुत चिंतित हैं। एक नागरिक के तौर पर मेरी यही प्रार्थना है कि वहां सब कुछ ठीक हो जाए। मैं सरकार और उनके बीच एक सफल बातचीत की उम्मीद करता हूं।” आमिर ने आगे सीधे वांगचुक से अपील करते हुए कहा, “मैं सचमुच आशा करता हूं कि वे जल्द ही अपना यह अनशन खत्म कर दें, क्योंकि देश को उनके जैसे दूरदर्शी और कर्मठ इंसान की बेहद जरूरत है। उनकी सेहत हमारे लिए सबसे पहले है।”
निष्कर्ष: क्या निकलेगा इस विवाद और आंदोलन का हल?
आमिर खान के इस बयान ने एक तरफ जहाँ ‘3 Idiots’ और ‘रेंचो’ के किरदार से जुड़े 17 साल पुराने सस्पेंस को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ सोनम वांगचुक के आंदोलन को एक बार फिर से नेशनल मीडिया की सुर्खियों में ला दिया है। आमिर खान जैसे बड़े ग्लोबल सुपरस्टार द्वारा वांगचुक की सेहत पर चिंता जताने से निश्चित रूप से इस आंदोलन की गूंज और तेज होगी।
अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार लद्दाख की मांगों और सोनम वांगचुक के बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए क्या कदम उठाती है। लेकिन एक बात तो साफ है—चाहे रेंचो का किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित हो या न हो, वांगचुक द्वारा लद्दाख के जल, जमीन और संस्कृति को बचाने की यह असली लड़ाई किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कहीं ज्यादा बड़ी और महत्वपूर्ण है।
