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India’s Most Successful Star Kid: 27 की उम्र में दी ‘₹2000 करोड़’ की फिल्म, कान्स में बजी तालियां; न रणबीर, न सलमान और न अल्लू अर्जुन

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India's Most Successful Star Kid
India's Most Successful Star Kid

भारतीय फिल्म उद्योग में जब भी वंशवाद या स्टार किड्स की बात होती है, तो लोगों के जेहन में अक्सर सलमान खान, ऋतिक रोशन, रणबीर कपूर, अल्लू अर्जुन या राम चरण जैसे बड़े समकालीन सुपरस्टार्स के चेहरे सामने आते हैं। इन सभी अभिनेताओं ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े हैं और सैकड़ों करोड़ की कमाई करने वाली फिल्में दी हैं। हालांकि, जब बॉक्स ऑफिस प्रभाव, वैश्विक पहुंच और उम्र के अनुपात का ऐतिहासिक विश्लेषण किया जाता है, तो इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड किसी आधुनिक स्टार के नाम नहीं है। भारतीय सिनेमा के इतिहास में India’s Most Successful Star Kid का दर्जा उस दिग्गज अभिनेता-निर्देशक को जाता है, जिसने आजादी के तुरंत बाद महज 27 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया था। हम बात कर रहे हैं ‘द ग्रेटेस्ट शोमैन’ राज कपूर (Raj Kapoor) की।

कौन हैं सिनेमा इतिहास के सबसे बड़े स्टार किड?

आज जब कोई स्टार किड 100 या 500 करोड़ की ब्लॉकबस्टर देता है, तो उसकी चर्चा महीनों तक चलती है। लेकिन राज कपूर के कद की तुलना किसी और से करना लगभग नामुमकिन है। वह दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के सबसे बड़े बेटे थे, इसलिए तकनीकी और पारिवारिक रूप से वह देश के पहले बड़े स्टार किड्स में गिने जाते हैं।

पृथ्वीराज कपूर ने भारतीय रंगमंच और सिनेमा को जो पहचान दी, राज कपूर ने उस विरासत को सिर्फ आगे ही नहीं बढ़ाया, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर स्थापित किया। उन्होंने बहुत कम उम्र में कैमरा संभाला, निर्देशन सीखा और अभिनय की दुनिया में वो मुकाम हासिल किया जो आज भी किसी नए या पुराने अभिनेता के लिए एक सपना बना हुआ है।

India’s Most Successful Star Kid: 27 की उम्र में रचा ‘2000 करोड़’ का वैश्विक इतिहास

साल 1951 में राज कपूर ने फिल्म ‘आवारा’ (Awaara) बनाई थी। उस समय उनकी उम्र महज 27 वर्ष थी। इस फिल्म में उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन की बागडोर भी संभाली थी। यह वह दौर था जब भारतीय फिल्में देश की सीमाओं से बाहर बहुत कम देखी जाती थीं, लेकिन ‘आवारा’ ने दुनिया भर के सिनेमाई समीकरणों को बदल कर रख दिया।

  • तत्कालीन कमाई: उस जमाने में फिल्म ‘आवारा’ ने भारत और विदेशी बाजारों में मिलाकर लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक का ग्रॉस कलेक्शन किया था।
  • सोवियत संघ (USSR) में अभूतपूर्व क्रेज: अकेले सोवियत संघ में इस फिल्म के 6 करोड़ से अधिक टिकट बिके थे। फिल्म का गाना ‘आवारा हूं’ मॉस्को, बीजिंग, काहिरा और तुर्की की गलियों में गूंजता था।
  • इंफ्लेशन एडजस्टेड वैल्यू (Inflation Adjusted Value): आज की महंगाई दर और करेंसी वैल्यूएशन के हिसाब से आंका जाए, तो 1951 के 15 करोड़ रुपये का मूल्य आज के ₹2000 करोड़ से भी अधिक बैठता है।

आधुनिक समय में ‘दंगल’, ‘बाहुबली 2’ या ‘आरआरआर’ जैसी कुछ ही फिल्में 1500 से 2000 करोड़ के क्लब को छू पाई हैं, लेकिन राज कपूर ने यह जादुई आंकड़ा 7 दशक पहले ही पार कर लिया था। इसी वजह से उन्हें निर्विवाद रूप से India’s Most Successful Star Kid के रूप में याद किया जाता है।

कान्स फिल्म फेस्टिवल में बजी तालियां और वैश्विक सम्मान

राज कपूर की सफलता सिर्फ टिकट खिड़की के आंकड़ों तक सीमित नहीं थी। फिल्म ‘आवारा’ को 1953 में प्रतिष्ठित कान्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में प्रदर्शित किया गया।

वहां इस फिल्म को फेस्टिवल के सर्वोच्च सम्मान ‘पाल्मे डी’ओर’ (Grand Prize of the Festival) के लिए नामांकित किया गया था। विदेशी समीक्षकों ने राज कपूर के चार्ली चैपलिन से प्रेरित ट्रैम्प वाले अवतार को खूब सराहा। बाद में, मशहूर अमेरिकी मैगजीन ‘Time’ ने ‘आवारा’ में राज कपूर के अभिनय को विश्व सिनेमा की सर्वकालिक शीर्ष 10 बेहतरीन परफॉर्मेंस (Top 10 All-Time Greatest Performances) की प्रतिष्ठित सूची में जगह दी थी। वैश्विक स्तर पर जो कलात्मक और व्यावसायिक सम्मान राज कपूर ने 27 साल की उम्र में बटोरा, वह आज के आधुनिक सितारों के लिए भी एक मिसाल है।

India’s Most Successful Star Kid: 30 की उम्र से पहले दीं 3 ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में

आधुनिक दौर के स्टार किड्स जैसे रणबीर कपूर ने ‘एनिमल’ से बड़ा धमाका किया, सलमान खान ने सालों तक बॉक्स ऑफिस पर राज किया, और अल्लू अर्जुन ने ‘पुष्पा’ से पैन-इंडिया पहचान बनाई। लेकिन उम्र के लिहाज से राज कपूर का ट्रैक रिकॉर्ड किसी भी आधुनिक सितारे से कहीं आगे दिखाई देता है।

  1. अंदाज (1949): 25 वर्ष की उम्र में राज कपूर ने महबूब खान की फिल्म ‘अंदाज’ में दिलीप कुमार और नर्गिस के साथ काम किया। यह फिल्म उस समय भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी।
  2. बरसात (1949): उसी साल राज कपूर ने खुद के निर्देशन में ‘बरसात’ बनाई, जिसने ‘अंदाज’ का रिकॉर्ड तोड़ते हुए कमाई का नया शिखर छुआ।
  3. आवारा (1951): महज 27 साल की उम्र में उन्होंने ‘आवारा’ के साथ न केवल भारत का बॉक्स ऑफिस हिलाया, बल्कि वैश्विक सिनेमा के पन्नों में अपना नाम हमेशा के लिए दर्ज करा लिया।
  4. श्री 420 (1955): लगभग 30-31 वर्ष की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने एक और विशाल ब्लॉकबस्टर ‘श्री 420’ डिलीवर कर दी।

30 की उम्र पूरी होने से पहले तीन-तीन ऑल-टाइम हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्में देना ऐसा अनूठा रिकॉर्ड है, जो साबित करता है कि क्यों उन्हें India’s Most Successful Star Kid माना जाता है।

आधुनिक सुपरस्टार्स से तुलना: सलमान, रणबीर और अल्लू अर्जुन कहां ठहरते हैं?

आज के सिनेमाई परिदृश्य में कई शानदार अभिनेता मौजूद हैं, लेकिन ऐतिहासिक संदर्भ में उनकी यात्रा राज कपूर से काफी अलग रही है:

  • सलमान खान: सलीम खान के बेटे सलमान खान ने 1989 में ‘मैंने प्यार किया’ से ब्लॉकबस्टर शुरुआत की और 2010 के दशक में लगातार रिकॉर्ड बनाए। हालांकि, उनकी अंतरराष्ट्रीय पकड़ मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई प्रवासियों (Diaspora) तक सीमित रही, जबकि राज कपूर को गैर-हिंदी भाषी देशों (रूस, चीन, मध्य पूर्व) के स्थानीय नागरिकों द्वारा पूजा जाता था।
  • रणबीर कपूर: कपूर खानदान की चौथी पीढ़ी के प्रतिनिधि रणबीर कपूर निस्संदेह बेहतरीन अभिनेता हैं। ‘संजू’ और ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड बनाए, लेकिन उन्हें अपनी पहली ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर देने के लिए 40 वर्ष की उम्र तक का इंतजार करना पड़ा।
  • अल्लू अर्जुन: अल्लू अरविंद के बेटे अल्लू अर्जुन ने ‘पुष्पा’ फ्रेंचाइजी के साथ पूरे भारत में अपनी धाक जमाई है, लेकिन वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक प्रभाव के मामले में 50 के दशक के राज कपूर का दौर बेमिसाल था।

यही कारण है कि जब सिनेमाई प्रभाव और बॉक्स ऑफिस प्रभुत्व का समग्र आकलन होता है, तो समीक्षक India’s Most Successful Star Kid के खिताब के लिए राज कपूर का ही नाम आगे रखते हैं।

तकनीकी और कलात्मक दृष्टि में दशकों आगे की सोच

राज कपूर केवल एक स्टार किड नहीं थे, बल्कि वह सिनेमा के एक विजनरी शिल्पी थे। जब भारत में तकनीकी संसाधन बहुत सीमित थे, तब उन्होंने ‘आर.के. स्टूडियोज’ (R.K. Studios) की स्थापना की।

  • सिनेमैटोग्राफी और संगीत: उन्होंने अपने सिनेमा में छायांकन (Cinematography) के ऐसे प्रयोग किए जो उस समय हॉलीवुड में देखे जाते थे। शंकर-जयकिशन, हसरत जयपुरी, शैलेंद्र और मुकेश के साथ मिलकर उन्होंने ऐसा संगीत रचा जो भाषा की दीवारें लांघ गया।
  • सामाजिक सरोकार: उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत थी आम आदमी के दर्द को पर्दे पर उतारना। एक गरीब, बेघर लेकिन ईमानदार युवक की कहानी को उन्होंने जिस तरह पेश किया, उसने दुनिया भर के आम लोगों के दिलों को सीधे छुआ।

यही वह कलात्मक गहराई थी जिसने India’s Most Successful Star Kid के रूप में उनकी साख को अमर बना दिया।

India’s Most Successful Star Kid: शोमैन की अमर विरासत

नेपोटिज्म की आधुनिक बहसों के बीच राज कपूर की दास्तान यह दर्शाती है कि पारिवारिक पृष्ठभूमि आपको शुरुआती मंच भले ही दिला सकती है, लेकिन इतिहास के पन्नों में अमर होने के लिए असाधारण प्रतिभा, जोखिम लेने की क्षमता और सिनेमाई जुनून की जरूरत होती है। Filmy Galaxy की इस खास रिपोर्ट के अनुसार, राज कपूर ने बिना किसी भारी पीआर मशीनरी या सोशल मीडिया के, महज 27 साल की उम्र में दुनिया भर के दर्शकों को भारतीय सिनेमा का दीवाना बना दिया था।

यही वजह है कि जब भी बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड्स, ग्लोबल इम्पैक्ट और कम उम्र में हासिल की गई महान सफलताओं का जिक्र होगा, तो India’s Most Successful Star Kid की चर्चा हमेशा राज कपूर के नाम के बिना अधूरी रहेगी। उनका काम आज भी दुनिया भर के फिल्म मेकर्स के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

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