भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे लोकप्रिय और चहेती अभिनेत्रियों में से एक श्वेता तिवारी (Shweta Tiwari) अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ और अपनी बेबाकी को लेकर भी हमेशा चर्चा में रहती हैं। ‘कसौटी जिंदगी की’ फेम एक्ट्रेस ने पर्दे पर जितने उतार-चढ़ाव देखे हैं, उससे कहीं ज्यादा संघर्ष उन्होंने अपनी असल जिंदगी में किया है। खासकर अपनी पहली शादी और उसके बाद हुए दर्दनाक कानूनी विवाद को लेकर वे कई बार खुलकर बात कर चुकी हैं। हाल ही में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उनका एक पुराना किस्सा फिर से वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है। लोग गूगल पर लगातार Shweta Tiwari gave up flat for Palak custody की पूरी सच्चाई को सर्च कर रहे हैं।
श्वेता तिवारी ने अपनी पहली शादी टूटने के बाद अपनी बेटी पलक तिवारी की सुरक्षा और उनकी कस्टडी पाने के लिए जो ऐतिहासिक और बड़ा बलिदान दिया था, वह आज भी लाखों सिंगल मदर्स के लिए प्रेरणा बना हुआ है। उन्होंने एक मां की ममता को साबित करने के लिए पैसों और आलीशान प्रॉपर्टी को एक झटके में लात मार दी थी, जिसकी पूरी कहानी आज हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।
Shweta Tiwari gave up flat for Palak custody: राजा चौधरी संग शादी और 5 साल की वो खौफनाक कानूनी लड़ाई
श्वेता तिवारी की निजी जिंदगी के संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब उन्होंने साल 1998 में राजा चौधरी से लव मैरिज की थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, और साल 2000 में उनके घर बेटी पलक तिवारी का जन्म हुआ। लेकिन धीरे-धीरे इस रिश्ते में दरारें आने लगीं और बात घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना तक पहुंच गई। श्वेता तिवारी ने कई बार इंटरव्यूज में बताया है कि वह रिश्ता उनके और उनकी नवजात बेटी के लिए कितना डरावना बन चुका था। आखिरकार तंग आकर श्वेता ने साल 2007 में राजा चौधरी से अलग होने का फैसला किया और कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर दी।
यह कानूनी लड़ाई कोई आम लड़ाई नहीं थी। कोर्ट के चक्कर काटते-काटते श्वेता तिवारी के 5 साल बीत गए। श्वेता को न सिर्फ समाज के तानों का सामना करना पड़ा बल्कि वह अपने करियर के पीक पर होने के बावजूद कोर्ट-कचहरी की मानसिक थकावट से गुजर रही थीं। राजा चौधरी किसी भी कीमत पर आसानी से तलाक देने को तैयार नहीं थे। इसी लंबी जद्दोजहद के बीच वह ऐतिहासिक मोड़ आया जिसे आज इंटरनेट पर Shweta Tiwari gave up flat for Palak custody के नाम से याद किया जाता है। राजा चौधरी ने तलाक के बदले श्वेता के सामने एक ऐसी शर्त रख दी, जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाता।
बेटी की कस्टडी के बदले राजा चौधरी ने मांगा था ₹93 लाख का फ्लैट
तलाक की कानूनी प्रक्रिया के दौरान श्वेता तिवारी की सबसे बड़ी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ उनकी बेटी पलक की कस्टडी हासिल करना था। वह चाहती थीं कि पलक को एक सुरक्षित माहौल मिले। लेकिन राजा चौधरी इस बात का फायदा उठाना चाहते थे। श्वेता तिवारी और राजा चौधरी के नाम पर मुंबई के मलाड इलाके में एक आलीशान 1BHK फ्लैट था, जो कि दोनों की जॉइंट प्रॉपर्टी थी। उस समय उस फ्लैट की बाजार में कीमत लगभग ₹93 लाख रुपये थी।
श्वेता तिवारी के वकीलों ने राजा के सामने प्रस्ताव रखा कि यह फ्लैट राजा चौधरी और बेटी पलक तिवारी के नाम पर जॉइंट कर दिया जाए, ताकि भविष्य में पलक का हक सुरक्षित रहे। लेकिन राजा चौधरी इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। उन्होंने साफ शब्दों में श्वेता से कह दिया कि अगर उन्हें इस ₹93 लाख के फ्लैट का इकलौता और पूरा मालिकाना हक मिल जाए, तो वह कोर्ट में तलाक के कागजात पर दस्तखत करने और पलक की कस्टडी छोड़ने के लिए तैयार हैं। राजा के लिए बेटी से ज्यादा जरूरी वह प्रॉपर्टी थी, जबकि श्वेता के लिए प्रॉपर्टी से बढ़कर उनकी बेटी की जिंदगी थी।
Shweta Tiwari gave up flat for Palak custody: श्वेता ने बिना सोचे प्रॉपर्टी को मार दी थी लात
जब श्वेता तिवारी के सामने यह शर्त आई, तो उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। वह अच्छी तरह जानती थीं कि पैसा और फ्लैट फिर से कमाए जा सकते हैं, लेकिन अपनी बेटी का बचपन और उसकी सुरक्षा वापस नहीं लाई जा सकती। श्वेता ने तुरंत कोर्ट में हामी भर दी और मुंबई का वह आलीशान फ्लैट पूरी तरह से राजा चौधरी के नाम ट्रांसफर कर दिया। फ्लैट मिलती ही राजा ने कोर्ट में पलक की फुल कस्टडी श्वेता तिवारी को सौंप दी और साल 2012 में आधिकारिक तौर पर इस दर्दनाक शादी का अंत हुआ।
यही कारण है कि आज सालों बाद भी मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर Shweta Tiwari gave up flat for Palak custody का यह उदाहरण दिया जाता है जब भी कोई महिलाओं के त्याग और उनकी मजबूती की बात करता है। श्वेता तिवारी ने साबित कर दिया था कि एक मां अपनी संतान के लिए अपनी जिंदगी की पूरी जमापूंजी भी दांव पर लगा सकती है। उन्होंने बिना किसी आर्थिक मदद या एलिमनी (गुजारा भत्ता) के अकेले दम पर पलक तिवारी की परवरिश की और आज पलक भी बॉलीवुड में अपने पैर जमा रही हैं।
एक सिंगल मदर का बेबाक सफर और पलक तिवारी की कामयाबी श्वेता तिवारी ने राजा चौधरी से तलाक के बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अकेले ही पलक को पाला-पोसा, उन्हें बेहतरीन शिक्षा दी और आज पलक तिवारी मनोरंजन जगत का एक जाना-माना नाम बन चुकी हैं। श्वेता अक्सर कहती हैं कि उनका वह फ्लैट छोड़ने का फैसला उनकी जिंदगी का सबसे सही फैसला था, क्योंकि आज उनके पास उनकी बेटी की खुशियां हैं जो किसी भी करोड़ों के बंगले से कहीं ज्यादा कीमती हैं।
निष्कर्ष: Filmy Galaxy का श्वेता तिवारी के जज्बे को सलाम
तलाक और कस्टडी की ये कानूनी लड़ाइयां अक्सर लोगों को पूरी तरह तोड़ देती हैं, लेकिन श्वेता तिवारी ने इस बवंडर से खुद को और अपनी बेटी को बहुत ही गरिमा के साथ बाहर निकाला। ₹93 लाख की प्रॉपर्टी को एक झटके में छोड़ देना किसी के लिए भी आसान नहीं होता, लेकिन श्वेता ने साबित किया कि उनके लिए पलक की कस्टडी और उसकी मुस्कान ही उनकी असली दौलत थी। Filmy Galaxy श्वेता तिवारी के इस अटूट जज्बे, उनकी ममता और उनके इस कड़े फैसले को सलाम करता है। आज के समय में जब लोग पैसों के लिए रिश्तों का कत्ल कर देते हैं, श्वेता तिवारी का यह बलिदान समाज को रिश्तों की असली अहमियत सिखाता है। श्वेता आज भी अपनी शर्तों पर जिंदगी जी रही हैं और अपनी दोनों संतानों की परवरिश एक मजबूत सिंगल मदर के रूप में कर रही हैं।
