भारतीय सिनेमा के इतिहास में जब भी सबसे बेहतरीन कॉमेडी फिल्मों की बात होती है, तो साल 2000 में आई फिल्म ‘हेरा फेरी’ (Hera Pheri) का नाम सबसे ऊपर आता है। बाबूराव, राजू और श्याम की इस तिगड़ी ने दर्शकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया था। पिछले कई सालों से फैंस इसके तीसरे पार्ट यानी ‘हेरा फेरी 3’ का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन अब इस फ्रेंचाइजी के चाहने वालों का दिल तोड़ने वाली एक बेहद बुरी खबर सामने आ रही है। ओरिजिनल फिल्म के डायरेक्टर प्रियदर्शन ने फिल्म को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। प्रियदर्शन के मुताबिक यह फिल्म अब शायद कानूनी पचड़ों के कारण कभी नहीं बन पाएगी। आज के इस ब्लॉग में हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि आखिर वो कौन सा Hera Pheri 3 cancellation reason है
जिसकी वजह से इस कल्ट क्लासिक फिल्म का भविष्य अब पूरी तरह से अंधकार में लटक गया है।
क्या है पूरा मामला? प्रियदर्शन ने खुद को किया फिल्म से अलग
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मीडिया में यह रिपोर्ट आने लगी कि प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला अब प्रियदर्शन के बिना ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे हैं। जब मीडिया ने खुद प्रियदर्शन से संपर्क किया और उनसे इस बारे में जानना चाहहा, तो उन्होंने न सिर्फ इस बात की पुष्टि की कि वह अब इस फिल्म का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि उन्होंने इसके कभी न बन पाने की बात भी कह दी।
प्रियदर्शन ने एक इंटरव्यू में साफ शब्दों में कहा कि फिरोज नाडियाडवाला ने जो कहा है, वह बिल्कुल सच है। मैं अब ‘हेरा फेरी 3’ से नहीं जुड़ा हूँ। लेकिन जहाँ तक मुझे इस प्रोजेक्ट की अंदरूनी जानकारी है, यह फिल्म बहुत सारे कानूनी पचड़ों और अंदरूनी मतभेदों के कारण शायद कभी भी पर्दे पर नहीं आ पाएगी। प्रियदर्शन का यह बयान सामने आते ही इंटरनेट पर सनसनी मच गई है।
कानूनी पचड़े: क्या है सबसे बड़ा रोड़ा और Hera Pheri 3 Cancellation Reason?
प्रियदर्शन ने जिस कानूनी पचड़े का जिक्र किया है, वह कोई छोटा-मोटा विवाद नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म के अधिकारों (Rights) को लेकर कोर्ट-कचहरी का एक लंबा खेल चल रहा है। दक्षिण भारत की एक बहुत बड़ी फिल्म निर्माण कंपनी ‘सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल’ ने मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। उनका दावा है कि ‘हेरा फेरी’ फ्रेंचाइजी और इसके आइकॉनिक किरदारों के असली कानूनी अधिकार उनके पास हैं, न कि फिरोज नाडियाडवाला के पास।
जब तक कोर्ट इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाता, तब तक फिल्म पर काम आगे बढ़ाना कानूनी रूप से नामुमकिन है। इसके अलावा टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार और मेकर्स के बीच गानों के राइट्स को लेकर भी काफी समय से तनातनी चल रही है। इन सभी बिंदुओं को अगर एक साथ देखा जाए, तो समझ आता है कि यह पेचीदा लीगल ड्रामा ही इस समय सबसे प्रमुख Hera Pheri 3 cancellation reason बना हुआ है।
अंदरूनी मतभेद और स्टार्स के बीच की अनबन
फिल्म न बन पाने की सिर्फ कानूनी वजहें ही नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे कलाकारों और मेकर्स के बीच के आपसी रिश्ते भी हैं। पिछले दो-तीन सालों में ‘हेरा फेरी 3’ की कास्टिंग को लेकर काफी ड्रामे हुए हैं। शुरुआत में खबर आई कि अक्षय कुमार ने स्क्रिप्ट पसंद न आने के कारण फिल्म छोड़ दी है और मेकर्स ने उनकी जगह कार्तिक आर्यन को साइन कर लिया है।
हालांकि, बाद में सुनील शेट्टी के बीच-बचाव के बाद अक्षय कुमार वापस लौटे और कार्तिक आर्यन इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गए। लेकिन इस पूरे ड्रामे ने मेकर्स और स्टार्स के बीच के भरोसे को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया। प्रियदर्शन का मानना है कि कलाकारों के बीच का यही अविश्वास और अंदरूनी खिंचातान भी एक बड़ा Hera Pheri 3 cancellation reason है, जिसने फिल्म के काम को रोक दिया है।
निष्कर्ष: क्या कभी बड़े पर्दे पर लौटेंगे बाबूराव, राजू और श्याम? जानिए असली Hera Pheri 3 Cancellation Reason
प्रियदर्शन के इस चौंकाने वाले इंटरव्यू के बाद अब यह साफ हो गया है कि ‘हेरा फेरी 3’ का रास्ता फूलों की सेज नहीं बल्कि कांटों का सफर है। एक तरफ जहाँ मद्रास हाई कोर्ट में चल रहा अधिकारों का मुकदमा फिल्म के प्रोडक्शन पर ब्रेक लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड के अंदरूनी समीकरण भी इसके पक्ष में नहीं दिख रहे हैं।
कुल मिलाकर, चाहे वह भारी-भरकम कानूनी विवाद हो, म्यूजिक राइट्स का लफड़ा हो, या फिर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के बीच वैचारिक मतभेद— यह पूरा कॉम्बिनेशन ही इस समय का असली Hera Pheri 3 cancellation reason बन चुका है। करोड़ों फैंस के लिए यह खबर वाकई किसी बड़े झटके से कम नहीं है, लेकिन बॉलीवुड की कड़वी सच्चाई यही है कि कभी-कभी कुछ बेहतरीन कहानियां सिर्फ यादों में ही अच्छी लगती हैं।
