बॉलीवुड की ‘पंगा क्वीन’ और मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत एक बार फिर अपने आक्रामक बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके निशाने पर हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान Kangana Ranaut Pakistan remark का यह मुद्दा तेजी से गरमा गया। कंगना ने नसीरुद्दीन शाह को “लोमड़ी” (Lomdi) कहे जाने वाले अपने बयान का बचाव किया और उन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे हमेशा पाकिस्तान के प्यार में क्यों डूबे रहते हैं। कंगना का यह बयान सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है और इस पर राजनीतिक व बॉलीवुड गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है।

Kangana Ranaut Pakistan remark: आखिर क्या है ‘लोमड़ी’ और ‘कुत्ता’ वाले बयान की पूरी कहानी?

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब नसीरुद्दीन शाह ने देश में हो रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर बॉलीवुड सितारों की चुप्पी पर सवाल उठाया था। उन्होंने एक पुरानी कहावत का हवाला देते हुए कहा था कि “जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी हो, वह भौंक नहीं सकता” उनके इस बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री दो गुटों में बंटती नजर आई।

जब इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो Kangana Ranaut Pakistan remark का सिलसिला शुरू हुआ। कंगना ने नसीरुद्दीन शाह के कमेंट का जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि आज के समय में वफादारी की वजह से ‘कुत्ता’ कहलाना एक तारीफ है। उन्होंने कहा कि वह किसी की चालाक “लोमड़ी” बनने के बजाय एक वफादार कुत्ता बनना पसंद करेंगी जो अपने घर (देश) की रक्षा करता है।

Kangana Ranaut Pakistan remark: ‘पाकिस्तान प्रेम’ पर कंगना रनौत का तीखा हमला

न्यूज एजेंसी ANI को दिए अपने हालिया साक्षात्कार में कंगना रनौत ने नसीरुद्दीन शाह पर अपने रुख को और सख्त कर लिया। जब उनसे शाह को ‘लोमड़ी’ कहने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा:

“यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो यह पाकिस्तान के प्रेम में ही डूबे रहते हैं। अब विभाजन (Partition) को भी इतने साल बीत चुके हैं, तो यह लव स्टोरी आखिरकार खत्म क्यों नहीं हो रही है?”

Kangana Ranaut Pakistan remark के जरिए कंगना ने आरोप लगाया कि बॉलीवुड का एक वर्ग हमेशा पड़ोसी देश के प्रति अपनी हमदर्दी दिखाता है, जबकि अपने देश के अंदरूनी मुद्दों पर उनका रवैया दोहरा रहता है। कंगना ने कहा कि नसीरुद्दीन शाह खाते तो इस देश का हैं, लेकिन पैरवी हमेशा पड़ोसी मुल्क की करते नजर आते हैं।

बॉलीवुड के ‘दोहरे रवैये’ और मगरमच्छ के आंसुओं पर उठाए सवाल

कंगना रनौत ने सिर्फ नसीरुद्दीन शाह ही नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के रवैये को आड़े हाथों लिया। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तब बॉलीवुड के लोग मगरमच्छ के आंसू बहा रहे थे।

कंगना ने सवाल उठाया:

  • झारखंड के छात्रों पर चुप्पी क्यों? कंगना ने कहा कि जब झारखंड में परीक्षा में धांधली को लेकर छात्रों पर लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई हुई, तब ये तमाम सितारे और नसीरुद्दीन शाह चुप क्यों हैं?
  • क्या सिर्फ वही Gen Z हैं जो सरकार का विरोध करें? उन्होंने पूछा कि क्या झारखंड के छात्र Gen Z नहीं हैं? क्या युवाओं के प्रति सहानुभूति सिर्फ तभी दिखाई जाती है जब बात देश या प्रधानमंत्री के खिलाफ बोलने की हो?

पीयूष मिश्रा के बयान से शुरू हुई थी बहस

गौरतलब है कि अभिनेता और गीतकार पीयूष मिश्रा ने भी नसीरुद्दीन शाह के बयान पर आपत्ति जताई थी। पीयूष मिश्रा ने झारखंड के रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचकर उनका समर्थन किया था और नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे। कंगना रनौत ने पीयूष मिश्रा के इसी बयान को री-पोस्ट करते हुए Kangana Ranaut Pakistan remark को आगे बढ़ाया था।

कंगना ने साफ शब्दों में लिखा था, “सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं जिस देश की रोटी खाती हूं, उसकी चौकीदारी करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं”

Kangana Ranaut Pakistan remark: सोशल मीडिया और राजनीति में मचा घमासान

कंगना रनौत का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग पक्ष बन गए हैं।

  • कंगना के समर्थकों का पक्ष: कंगना के फैंस और उनके राजनीतिक समर्थकों का मानना है कि उन्होंने बॉलीवुड की कथित ‘हिपोक्रेसी’ (पाखंड) को बेनकाब किया है। उनके मुताबिक राष्ट्रवाद और देश के प्रति वफादारी के मुद्दे पर कंगना का स्टैंड बिल्कुल सही है।
  • आलोचकों का पक्ष: दूसरी तरफ, कई सोशल मीडिया यूज़र्स और सिनेमा प्रेमियों का कहना है कि नसीरुद्दीन शाह जैसे वरिष्ठ और सम्मानित अभिनेता के लिए ‘लोमड़ी’ जैसे शब्दों का चयन करना अनुचित है। उनका मानना है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद वरिष्ठ कलाकारों के प्रति भाषाई मर्यादा बनी रहनी चाहिए।

कंगना रनौत का राजनीतिक सफर और बेबाक अंदाज

भाजपा सांसद बनने के बाद से कंगना रनौत संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक लगातार मुखर रही हैं। Kangana Ranaut Pakistan remark पहला मौका नहीं है जब उन्होंने इंडस्ट्री के दिग्गजों पर सीधा वार किया हो। इससे पहले भी वे नेपोटिज्म, वामपंथी विचारधारा और बॉलीवुड के अंदरूनी समीकरणों को लेकर तीखी बयानबाजी करती रही हैं।

हालांकि, इस बार उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वे संसद में भी छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठा रही हैं। कंगना का कहना है कि वे किसी भी मंच पर देश के खिलाफ बोलने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगी।

नसीरुद्दीन शाह की प्रतिक्रिया का इंतजार

Kangana Ranaut Pakistan remark और उनके ‘लोमड़ी’ वाले बयान पर अभी तक नसीरुद्दीन शाह की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, दोनों कलाकारों के बीच वैचारिक जंग कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी दोनों के बीच अलग-अलग मुद्दों पर शाब्दिक बाण चल चुके हैं।

अब देखना यह होगा कि क्या नसीरुद्दीन शाह कंगना के इस ‘पाकिस्तान प्रेम’ वाले आरोप का कोई जवाब देते हैं या फिर इस विवाद को यहीं शांत होने देते हैं।

निष्कर्ष: क्या खत्म होगी यह वैचारिक जंग?

कंगना रनौत और नसीरुद्दीन शाह के बीच का यह ताजा विवाद केवल दो कलाकारों की आपसी तकरार नहीं है, बल्कि यह बॉलीवुड के भीतर गहराई से बैठी दो अलग-अलग विचारधाराओं का टकराव है। एक तरफ जहां राष्ट्रवाद और देश के प्रति वफादारी को सर्वोपरि रखने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ अभिव्यक्ति की आजादी और विरोध के अधिकार की बहस छिड़ी हुई है।

Kangana Ranaut Pakistan remark ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कंगना रनौत अपने बयानों पर पीछे हटने वालों में से नहीं हैं। ‘लोमड़ी’ वाले बयान पर कायम रहकर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वे अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ पूरी मजबूती से खड़ी हैं। अब यह विवाद सोशल मीडिया और खबरों में आगे क्या नया मोड़ लेता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

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