भारतीय टेलीविजन जगत से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। छोटे पर्दे के सबसे लंबे और ऐतिहासिक क्राइम शो ‘सीआईडी’ (CID) के जनक, निर्देशक और निर्माता बृजेंद्र पाल सिंह यानी बी.पी. सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। मनोरंजन जगत में यह खबर आग की तरह फैल गई कि CID Creator BP Singh Passes Away। 77 वर्ष की आयु में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह दिल का दौरा पड़ने से उनका आकस्मिक निधन हो गया। उनके जाने से टीवी इंडस्ट्री में गहरा सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ गई है। जिस इंसान ने 90 के दशक में भारतीय घरों में वीकेंड की शामों को रोमांचक बनाया और ‘दया, दरवाजा तोड़ दो’ जैसे कालजयी डायलॉग्स को जन्म दिया, उनका जाना भारतीय टेलीविजन के एक स्वर्णिम युग का अंत माना जा रहा है।

CID Creator BP Singh Passes Away: कैसे हुआ यह दुखद हादसा और अंतिम क्षण

27 अक्टूबर की सुबह रोजाना की तरह सामान्य थी, लेकिन अचानक बी.पी. सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी। सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत के बाद उनके परिजनों ने उन्हें तुरंत मुंबई के नजदीकी अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट (Massive Heart Attack) का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

फिल्म और टेलीविजन जगत के जाने-माने निर्माता तथा इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने इस खबर की पुष्टि की। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई कि CID Creator BP Singh Passes Away, सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक श्रद्धांजलि का तांता लग गया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से वे उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन उनका मनोबल और काम के प्रति जुनून हमेशा की तरह बरकरार था।

बीपी सिंह: दूरदर्शन के कैमरामैन से लेकर ऐतिहासिक शो के निर्माता तक का सफर

बृजेंद्र पाल सिंह का टेलीविजन इंडस्ट्री में सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। उनका जन्म देहरादून में हुआ था और उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से सिनेमैटोग्राफी की तालीम हासिल की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन में एक न्यूज कैमरामैन के रूप में की थी। लगभग एक दशक तक कैमरा संभालने के बाद उन्होंने महसूस किया कि भारतीय दर्शकों के लिए एक अलग जॉनर, खासकर जासूसी और रहस्य से भरे थ्रिलर शोज़ की भारी कमी है।

1990 के दशक की शुरुआत में उन्होंने दूरदर्शन के लिए जासूसी शो ‘सिर्फ चार दिन’ बनाया। इसके बाद 1993 में उन्होंने हॉरर जॉनर को एक नई परिभाषा देते हुए जी टीवी पर ‘आहट’ (Aahat) की शुरुआत की, जिसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए। लेकिन उनका सबसे बड़ा सपना एक ऐसा पुलिस इंवेस्टिगेशन ड्रामा बनाना था जो हर घर का हिस्सा बन सके। इसी सोच से 1997 में जन्म हुआ शो ‘सीआईडी’ का, जो 1998 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर ऑन-एयर हुआ।

जब आज यह दुखद सूचना मिली कि CID Creator BP Singh Passes Away, तो लोग उनके उसी तीन दशक पुराने संघर्ष और लगन को याद कर भावुक हो रहे हैं। उन्होंने भारतीय टीवी को सिखाया कि कैसे बिना सास-बहू के ड्रामे के भी 20 साल से ज्यादा समय तक टीआरपी चार्ट में शीर्ष पर रहा जा सकता है।

CID Creator BP Singh Passes Away: डीसीपी समशेर सिंह चित्रोले का वह अमर किरदार

बी.पी. सिंह सिर्फ कैमरे के पीछे रहकर ही शो नहीं चलाते थे, बल्कि कैमरे के सामने भी उनकी मौजूदगी दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आती थी। सीआईडी में उन्होंने डीसीपी समशेर सिंह चित्रोले (DCP Chitrole) का किरदार निभाया था। एक सख्त, कभी सनकी, तो कभी बेहद मजाकिया अंदाज वाला डीसीपी जो एसीपी प्रद्युम्न की नाक में दम करके रखता था।

चित्रोले के किरदार में बी.पी. सिंह की कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रजेंस इतनी शानदार थी कि दर्शक उनके एपिसोड्स का बेसब्री से इंतजार करते थे। एसीपी प्रद्युम्न (शिवाजी साटम) के साथ उनकी नोंकझोंक शो की यूएसपी बन चुकी थी।

आज जब समाचार चैनलों की हेडलाइंस में फ्लैश हो रहा है कि CID Creator BP Singh Passes Away, तो फैंस को उनके वे मशहूर सीन्स और संवाद याद आ रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया था कि एक निर्देशक अगर चाहे तो अपने लिखे किरदार में जान फूंकने के लिए खुद कैमरे के सामने आकर भी कमाल कर सकता है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया भारतीय टेलीविजन का नाम

बी.पी. सिंह एक विजनरी डायरेक्टर थे जो हमेशा तकनीकी रूप से कुछ नया करने में विश्वास रखते थे। 7 और 8 अक्टूबर 2004 को उन्होंने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। उन्होंने सीआईडी का एक पूरा एपिसोड, जिसका नाम था ‘द इनहेरिटेंस’ (The Inheritance), बिना किसी कट के 111 मिनट (1 घंटा 51 मिनट) का सिंगल शॉट में शूट किया।

यह एपिसोड लोनावाला में 8 अक्टूबर की शाम 6:30 बजे से रात 8:21 बजे तक बिना रुके एक ही टेक में कैमरे में कैद किया गया था। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के चलते बी.पी. सिंह और उनकी टीम का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया गया।

विश्व स्तर पर भारतीय टेलीविजन की तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाने वाले इस दिग्दर्शक के जाने पर हर तकनीशियन आज रो रहा है। इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड की यादें ताजा करते हुए फैंस कह रहे हैं कि CID Creator BP Singh Passes Away सिर्फ एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि टीवी के सबसे बड़े विजनरी का खो जाना है।

CID Creator BP Singh Passes Away: स्टार कास्ट और इंडस्ट्री में मातम, सहकर्मियों के छलके आंसू

बी.पी. सिंह सिर्फ एक निर्देशक या प्रोड्यूसर नहीं थे, वे सीआईडी की पूरी कास्ट और क्रू के लिए एक पिता तुल्य अभिभावक थे। उनके निधन की खबर से पूरी कास्ट सदमे में है:

  • शिवाजी साटम (ACP प्रद्युम्न): शिवाजी साटम ने बेहद भावुक होकर कहा, “मैंने अपना सबसे करीबी दोस्त, मार्गदर्शक और भाई खो दिया है। बीपी भाई ने मुझे वह पहचान दी जो शायद किसी और मंच पर नहीं मिलती। वे सेट पर अनुशासन और प्यार का अनोखा मेल थे। आज ऐसा लग रहा है जैसे सीआईडी का असली बॉस हमेशा के लिए शांत हो गया।”
  • आदित्य श्रीवास्तव (इंस्पेक्टर अभिजीत): आदित्य ने कहा, “बी.पी. सर ने हमेशा हम पर भरोसा किया। वे किरदारों को इस तरह गढ़ते थे कि वे हमारी रगों में बस जाते थे। उनका जाना एक व्यक्तिगत क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।”
  • दयानंद शेट्टी (सीनियर इंस्पेक्टर दया): दया ने कहा, “सर ने मुझे खेल की दुनिया से लाकर टीवी का दया बनाया। उन्होंने मुझ जैसे कई नए चेहरों की जिंदगी बदली। आज जब मैं सुनता हूं कि CID Creator BP Singh Passes Away, तो शब्द नहीं मिल रहे कि यह दर्द कैसे बयां करूं।”
  • नरेंद्र गुप्ता (डॉ. सालुंखे): फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सालुंखे का रोल करने वाले नरेंद्र गुप्ता ने कहा कि बी.पी. सिंह टीवी के फॉरेंसिक साइंस को भारत के घर-घर तक पहुंचाने वाले पहले व्यक्ति थे।

दिसंबर 2023 में जब शो में ‘फ्रेडी’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता दिनेश फडनीस का निधन हुआ था, तब बी.पी. सिंह बुरी तरह टूट गए थे। उस वक्त भी उनकी तबीयत खराब हुई थी। अब उनके खुद के चले जाने से सीआईडी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मनोरंजन उद्योग से जुड़े तमाम दिग्गजों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि CID Creator BP Singh Passes Away, लेकिन उनका काम हमेशा जीवित रहेगा।

भारतीय संस्कृति और पॉप-कल्चर पर छोड़ा कभी न मिटने वाला प्रभाव

‘सीआईडी’ 21 जनवरी 1998 से शुरू होकर 27 अक्टूबर 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक प्रसारित हुआ। इस दौरान इसके 1,547 से अधिक एपिसोड्स टेलीकास्ट हुए। यह भारतीय टेलीविजन इतिहास के सबसे लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिकों में शुमार है।

बी.पी. सिंह ने जिस तरह के कैरेक्टर और प्लॉट तैयार किए, वे आगे चलकर भारतीय मीम कल्चर और पॉप-कल्चर की नींव बन गए। एसीपी प्रद्युम्न का हाथ घुमाने का अंदाज, दया का दरवाजा तोड़ना, अभिजीत का पिस्टल लोड करना और डॉ. सालुंखे के फॉरेंसिक विश्लेषण—ये सब बी.पी. सिंह के सटीक निर्देशन और सोच की उपज थे।

आज जब अखबारों और पोर्टल्स में लिखा जा रहा है कि CID Creator BP Singh Passes Away, तो 90 के दशक और 2000 के दशक में पले-बढ़े करोड़ों युवा अपने बचपन की सुनहरी यादों को याद कर रहे हैं। शुक्रवार, शनिवार और रविवार की रात 10 बजे टीवी स्क्रीन के सामने पूरे परिवार का एक साथ बैठना बी.पी. सिंह के शोज़ की ही देन थी।

एफटीआईआई (FTII) के अध्यक्ष के रूप में भी दी अहम सेवाएं

बी.पी. सिंह का योगदान सिर्फ टीवी प्रोडक्शन हाउस फायरवर्क्स प्रोडक्शंस (Fireworks Productions) तक ही सीमित नहीं था। दिसंबर 2018 में भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) की गवर्निंग काउंसिल का अध्यक्ष और एफटीआईआई सोसाइटी का प्रमुख नियुक्त किया था।

अनुपम खेर के इस्तीफे के बाद बी.पी. सिंह ने इस पद को संभाला और संस्थान के पूर्व छात्र होने के नाते वहां के अकादमिक और तकनीकी ढांचे में कई सकारात्मक सुधार किए। उन्होंने युवा फिल्म निर्माताओं को हमेशा जमीनी हकीकत और मजबूत पटकथा पर काम करने की सलाह दी। जब यह पुष्टि हुई कि CID Creator BP Singh Passes Away, तो एफटीआईआई प्रशासन और छात्रों ने भी शोक सभा आयोजित कर उन्हें एक महान पूर्व छात्र और प्रशासक के रूप में नमन किया।

बीपी सिंह के करियर के प्रमुख पड़ाव और कालजयी शोज़

वर्षशो / उपलब्धिभूमिका / योगदान
1970s – 80sदूरदर्शन समाचारन्यूज कैमरामैन
1993 – 2015आहट (Aahat)निर्माता एवं निर्देशक (हॉरर जॉनर के जनक)
1998 – 2018सीआईडी (CID)निर्माता, निर्देशक एवं डीसीपी चित्रोले
2004111 मिनट अनकट एपिसोडगिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स
2012सीआईडी वीरता पुरस्कारसमाज के जांबाजों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
2018FTII पुणेगवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष

हर मंच पर अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले इस दिग्गज के लिए फिल्म समीक्षकों ने लिखा कि भले ही आज CID Creator BP Singh Passes Away की खबर से टीवी इंडस्ट्री गमगीन है, लेकिन उनकी बनाई विरासत आने वाली पीढ़ियों के निर्देशकों को प्रेरित करती रहेगी।

एक युग का अवसान, लेकिन यादें रहेंगी हमेशा जिंदा

मनोरंजन की दुनिया में ट्रेंड्स तेजी से बदलते हैं, शोज़ आते हैं और कुछ महीनों में भुला दिए जाते हैं। लेकिन 20 साल से ज्यादा समय तक एक ही शो की ताजगी, सस्पेंस और दर्शकों के साथ जुड़ाव बनाए रखना कोई साधारण उपलब्धि नहीं थी। यह केवल और केवल बी.पी. सिंह के अनुशासन, समर्पण और कहानी कहने की अनूठी कला के कारण ही संभव हो सका था।

सोशल मीडिया पर फैंस पुराने एपिसोड्स के क्लिप्स साझा कर रहे हैं। कोई डीसीपी चित्रोले के मजाकिया डायलॉग्स याद कर रहा है, तो कोई उनके रिकॉर्ड-ब्रेकिंग एपिसोड के मेकिंग वीडियो देख रहा है। आज पूरी इंडस्ट्री एक सुर में कह रही है कि भले ही CID Creator BP Singh Passes Away, लेकिन एसीपी प्रद्युम्न की टीम और डीसीपी चित्रोले की यादें जब तक भारतीय टेलीविजन रहेगा, तब तक दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगी।

भगवान दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे और उनके शोकाकुल परिवार, दोस्तों तथा करोड़ों प्रशंसकों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। फिल्मी गैलेक्सी (Filmy Galaxy) परिवार की ओर से भारतीय टेलीविजन के इस असली ‘सीआईडी ऑफिसर’ और विजनरी निर्देशक को भावभीनी श्रद्धांजलि।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here