Home Bollywood Sunny Deol Pan Masala Ad: “मैं कभी नहीं करता ऐसे ऐड्स”, बयान...

Sunny Deol Pan Masala Ad: “मैं कभी नहीं करता ऐसे ऐड्स”, बयान के तुरंत बाद लीक हुआ पुराना ‘संतूर पान’ विज्ञापन

0
6
Sunny Deol pan masala ad
Sunny Deol pan masala ad

भारतीय सिनेमा और बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में विज्ञापनों का एक अलग ही महत्व है। पिछले कुछ वर्षों से बॉलीवुड सितारों द्वारा तंबाकू और पान मसाला ब्रांड्स के प्रचार को लेकर पूरे देश में तीखी बहस छिड़ी हुई है। हाल ही में ‘गदर’ फेम अभिनेता और सांसद सनी देओल ने एक पॉडकास्ट में दावा किया कि वे कभी भी नुकसानदेह उत्पादों का प्रचार नहीं करते। हालांकि, इस दावे के कुछ ही समय बाद Sunny Deol pan masala ad से जुड़ा एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पुराने वीडियो ने इंटरनेट पर तूफान ला दिया है और फैंस अभिनेता के बयानों और उनके पुराने विज्ञापनों की तुलना कर रहे हैं।

बॉलीवुड हस्तियों की छवि हमेशा से उनके द्वारा चुने गए ब्रांड विज्ञापनों से प्रभावित होती रही है। जब किसी बड़े स्टार का नाम किसी ऐसे उत्पाद से जुड़ता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है, तो जनता की प्रतिक्रिया काफी तीखी होती है। सनी देओल का यह हालिया मामला भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।

Sunny Deol Pan Masala Ad और उनका हालिया पॉडकास्ट बयान

कुछ दिन पहले जाने-माने पत्रकार शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में सनी देओल बतौर मेहमान शामिल हुए थे। बातचीत के दौरान जब तंबाकू और पान मसाला ब्रांड्स के सरोगेट विज्ञापनों पर चर्चा हुई, तो सनी देओल ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बिना किसी झिझक के कहा कि उन्हें ऐसे विज्ञापनों के लिए कई बार भारी-भरकम फीस के ऑफर्स मिले हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा इन्हें ठुकरा दिया है।

सनी देओल ने साक्षात्कार में कहा, “मैं पान मसाला या तंबाकू के विज्ञापन नहीं करता और कभी करूँगा भी नहीं। मेरे पास बहुत सारे पैसे के ऑफर आते हैं, लेकिन मेरा ज़मीर मुझे इसकी इजाज़त नहीं देता।” अभिनेता के इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हुई। लोगों ने माना कि सनी देओल अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने वाले एक सच्चे और जिम्मेदार नागरिक हैं। लेकिन इस बयान के सामने आते ही Sunny Deol pan masala ad सर्च ट्रेंड में आ गया और लोगों ने उनके पुराने विज्ञापनों को खंगालना शुरू कर दिया।

कैसे इंटरनेट पर वायरल हुआ पुराना Sunny Deol Pan Masala Ad?

सनी देओल के पॉडकास्ट का वीडियो जैसे ही ट्रेंड करने लगा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर), रेडिट और इंस्टाग्राम पर कुछ पुराने वीडियो सामने आने लगे। इनमें सबसे प्रमुख था ‘संतूर मीठा पान’ का एक पुराना कमर्शियल। इस पुराने Sunny Deol pan masala ad क्लिप में सनी देओल के साथ जाने-माने अभिनेता रवि किशन और विजय राज़ भी अभिनय करते नज़र आ रहे हैं।

इस विज्ञापन में दिखाया गया है कि कैसे सनी देओल और उनके सह-कलाकार पारंपरिक अंदाज में ‘संतूर’ के पाउच को प्रमोट कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उस दौर में इस प्रोडक्ट के पाउच पर सनी देओल की बड़ी तस्वीर भी छापी गई थी। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेता को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया। कई यूजर्स ने लिखा कि जो स्टार दावा कर रहे हैं कि उन्होंने कभी ऐसा विज्ञापन नहीं किया, उनका यह पुराना Sunny Deol pan masala ad उनके दावों की हकीकत बयां कर रहा है।

क्या संतूर मीठा पान और Sunny Deol Pan Masala Ad सरोगेट विज्ञापन के दायरे में आते हैं?

विज्ञापन इंडस्ट्री में ‘सरोगेट एडवरटाइजिंग’ (Surrogate Advertising) एक बेहद संवेदनशील विषय है। जब सरकार ने तंबाकू, गुटखा और शराब के सीधे विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाया, तो कंपनियों ने इलायची, मीठा पान, क्लब सोडा और म्यूजिक सीडी के नाम पर अपने ब्रांड्स को प्रमोट करना शुरू कर दिया।

जब हम Sunny Deol pan masala ad की बात करते हैं, तो संतूर मीठा पान के पैकेट पर स्पष्ट तौर पर ‘नो टोबैको, नो निकोटीन’ (No Tobacco, No Nicotine) लिखा हुआ था। तकनीकी रूप से यह सीधे तौर पर गुटखा या तंबाकू का विज्ञापन नहीं था, बल्कि माउथ फ्रेशनर/मीठे पान की श्रेणी में आता था।

लेकिन आलोचकों का तर्क है कि ब्रांडिंग और पैकेजिंग का तरीका ठीक वैसा ही था जैसा आज के समय में बड़ी पान मसाला कंपनियां अपनाती हैं। यही कारण है कि आज जब Sunny Deol pan masala ad दोबारा चर्चा में आया है, तो लोग इसे सरोगेट मार्केटिंग की उसी श्रेणी में रखकर देख रहे हैं जिसकी सनी देओल खुद आलोचना कर रहे थे।

FDA की हालिया कार्रवाई और बॉलीवुड पर बढ़ता दबाव

सनी देओल का यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पूरे बॉलीवुड में पान मसाला विज्ञापनों को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही में महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड के तीन शीर्ष अभिनेताओं—शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ—को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी किया है। यह नोटिस विमल इलायची के भ्रामक और सरोगेट विज्ञापनों के संबंध में भेजा गया था।

इस नोटिस के बाद देश भर में इन विज्ञापनों के खिलाफ माहौल बन गया था। इसी बीच जब सनी देओल ने नैतिकता की बात की, तो फैंस को लगा कि कोई तो अभिनेता जिम्मेदारी ले रहा है। लेकिन Sunny Deol pan masala ad के अचानक वायरल होने से पूरा ध्यान फिर से इस बात पर चला गया कि क्या बॉलीवुड में कोई भी सितारा इन विज्ञापनों से पूरी तरह अछूता रहा है?

सोशल मीडिया पर जनता की दोहरी प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद इंटरनेट पर दर्शकों और आलोचकों की राय दो हिस्सों में बंट गई है:

  1. आलोचकों का पक्ष: आलोचकों का कहना है कि जब सनी देओल ने यह दावा किया कि उन्होंने “कभी भी ऐसे विज्ञापन नहीं किए”, तो उन्हें अपने अतीत के इस विज्ञापन के बारे में भी पारदर्शी होना चाहिए था। उनका मानना है कि Sunny Deol pan masala ad उनके इस हालिया दावे का खंडन करता है।
  2. प्रशंसकों और समर्थकों का पक्ष: सनी देओल के समर्थकों का तर्क है कि यह विज्ञापन कई दशक पुराना है। उस दौर में तंबाकू और माउथ फ्रेशनर के बीच के अंतर को लेकर जागरूकता इतनी अधिक नहीं थी। समर्थकों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति ने 20 साल पहले कोई गलती की थी और आज वह अपनी सोच बदलकर सही रास्ते पर है, तो Sunny Deol pan masala ad को मुद्दा बनाकर उन्हें ट्रोल करना गलत है।

सेलेब्रिटी विज्ञापनों की नैतिकता और भविष्य

यह विवाद केवल सनी देओल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा सबक है। पहले अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार जैसे दिग्गज सितारे भी पान मसाला ब्रांड्स से जुड़े थे, लेकिन जनभावनाओं और विरोध के बाद उन्होंने अपने अनुबंध रद्द कर दिए और जनता से सार्वजनिक माफी भी मांगी।

सनी देओल के मामले में भी यह साफ दिखता है कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट की याददाश्त बहुत मजबूत है। Sunny Deol pan masala ad का यह वायरल होना साबित करता है कि कोई भी सेलिब्रिटी अपने पुराने काम को पूरी तरह से भुला नहीं सकता। जब भी कोई स्टार किसी सार्वजनिक मंच पर नैतिकता का दावा करता है, तो जनता उनके पुराने इतिहास की पड़ताल जरूर करती है।

निष्कर्ष

सनी देओल बॉलीवुड के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय एक्शन नायकों में से एक हैं। ‘गदर 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद उनकी साख और लोकप्रियता एक नए मुकाम पर पहुंच चुकी है। पॉडकास्ट में दिया गया उनका बयान निश्चित रूप से एक सकारात्मक सोच को दर्शाता है कि सितारों को समाज के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए।

हालांकि, Sunny Deol pan masala ad के दोबारा सामने आने से यह बहस जरूर छिड़ गई है कि कलाकारों को अपने बयानों में शब्दों का चयन बहुत सावधानी से करना चाहिए। अगर सनी देओल यह कहते कि उन्होंने अतीत में ऐसा काम किया था लेकिन अब उन्होंने इसे पूरी तरह छोड़ दिया है, तो शायद यह विवाद इतनी बड़ी सुर्खियां नहीं बनता।

अंततः, Sunny Deol pan masala ad विवाद यह साबित करता है कि जनता अब अपने चहेते सितारों से केवल परदे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी और विज्ञापनों में भी पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता की उम्मीद करती है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here