बॉलीवुड में किसी भी नए अभिनेता के लिए अपने करियर की शुरुआत में एक के बाद एक लगातार हिट फिल्में देना किसी सपने के सच होने जैसा होता है। साल 2012 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से डेब्यू करने वाले वरुण धवन ने बॉक्स ऑफिस पर जो करिश्मा दिखाया, वह पिछले कुछ दशकों में बेहद कम सितारों के खाते में आया है। अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने लगातार बैक-टू-बैक कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। इस अद्वितीय सफलता को इंडस्ट्री में Varun Dhawan box office streak के नाम से जाना जाने लगा। हालांकि, हाल ही में मशहूर चैट शो कॉफी विद करण के मंच पर वरुण धवन ने एक हैरान करने वाला खुलासा किया।

उन्होंने स्वीकार किया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में अपनी इस सफलता को लेकर शो में डींगें हांकना उनकी सबसे बड़ी भूल थी, जिसके बाद मानो उन्होंने खुद ही अपनी कामयाबी को नजर लगा दी।

जब कॉफी विद करण में वरुण ने दिखाया था तेवर

बात साल 2018 की है, जब वरुण धवन कॉफी विद करण के छठे सीजन में कटरीना कैफ के साथ नजर आए थे। शो के रैपिड-फायर राउंड और बातचीत के दौरान होस्ट करण जौहर ने उनसे पूछा था कि रणबीर कपूर और रणवीर सिंह में से उनका सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर कौन है। उस वक्त वरुण अपने करियर के चरम पर थे और एक के बाद एक बड़ी हिट्स दे रहे थे।

वरुण ने उस सवाल का जवाब बेहद आत्मविश्वास और गर्व के साथ दिया था। उन्होंने बिना झिझके कहा था कि वह किसी को अपना कॉम्पिटिटर नहीं मानते क्योंकि किसी के पास भी उनके जैसी लगातार हिट्स देने की क्षमता और ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने खुले तौर पर अपनी ‘8 लगातार हिट फिल्मों’ का दावा ठोंक दिया था। उस समय दर्शक और क्रिटिक्स भी दंग रह गए थे क्योंकि डेब्यू के बाद से कभी फ्लॉप न देखने वाले वरुण का आत्मविश्वास आसमान छू रहा था।

Varun Dhawan Box Office Streak का सुनहरा दौर और बेमिसाल रिकॉर्ड

अगर वरुण धवन के शुरुआती फिल्मी ग्राफ पर नजर डालें, तो उन्होंने वाकई एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया था जिसकी बराबरी करना न्यूकमर्स के लिए नामुमकिन सा लगता था। यह शानदार Varun Dhawan box office streak केवल कुछ हल्की-फुल्की मसाला फिल्मों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें हर जॉनर की फिल्में शामिल थीं।

डेब्यू से लेकर मसाला और डार्क सिनेमा तक का सफर

  1. स्टूडेंट ऑफ द ईयर (2012): तीन नए चेहरों के साथ आई इस फिल्म ने कॉलेज यूथ को दीवाना बना दिया और वरुण एक यूथ सेंसेशन बन गए।
  2. मैं तेरा हीरो (2014): पिता डेविड धवन के निर्देशन में वरुण ने साबित कर दिया कि कॉमेडी और मसाला एंटरटेनमेंट उनकी रग-रग में बसा है।
  3. हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया (2014): आलिया भट्ट के साथ वरुण की केमिस्ट्री ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया और यह एक बड़ी रोमांटिक हिट साबित हुई।
  4. बदलापुर (2015): श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस डार्क थ्रिलर ने साबित किया कि वरुण सिर्फ चॉकलेटी हीरो नहीं, बल्कि गंभीर और इंटेंस भूमिकाओं में भी जान फूंक सकते हैं।

100 करोड़ी क्लब और लगातार ब्लॉकबस्टर्स

  1. एबीसीडी 2 (2015): रेमो डिसूजा की डांस ड्रामा फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ट्रेड पंडितों को चौंका दिया।
  2. दिलवाले (2015): शाहरुख खान और काजोल के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए भी वरुण ने अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई।
  3. ढिशूम (2016): जॉन अब्राहम के साथ उनकी यह एक्शन-कॉमेडी भी बॉक्स ऑफिस पर मुनाफा कमाने में सफल रही।
  4. बद्रीनाथ की दुल्हनिया (2017): इस फ्रैंचाइजी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 115 करोड़ से अधिक का कलेक्शन किया।
  5. जुड़वा 2 (2017): सलमान खान की कल्ट क्लासिक के रीमेक में वरुण के डबल रोल को दर्शकों ने हाथों-हाथ लिया और फिल्म ने 135 करोड़ से अधिक का बिजनेस किया।

उस समय बॉक्स ऑफिस के विश्लेषक भी यह मानने लगे थे कि Varun Dhawan box office streak को तोड़ना असंभव है। उनकी फिल्में न केवल क्रिटिकली पसंद की जा रही थीं, बल्कि प्रोड्यूसर्स के लिए भी सेफ इन्वेस्टमेंट बन चुकी थीं।

असफलता का स्वाद और जब लगा नजर का झटका

फिल्म इंडस्ट्री में समय कभी एक जैसा नहीं रहता। अपनी लगातार सफलता का ढोल पीटने के कुछ ही समय बाद वरुण धवन के करियर को एक बड़ा झटका लगा। साल 2019 में रिलीज हुई करण जौहर की महत्वाकांक्षी मल्टी-स्टारर फिल्म कलंक बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई।

आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित, संजय दत्त और आदित्य रॉय कपूर जैसे बड़े सितारों के बावजूद फिल्म दर्शकों को खींचने में नाकाम रही। फिल्म की विफलता वरुण के लिए एक बड़ा निजी सदमा थी। इसके बाद स्ट्रीट डांसर 3डी भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। यहीं से वरुण को यह एहसास होना शुरू हुआ कि बॉक्स ऑफिस पर कोई भी अभिनेता अजेय नहीं है। जो Varun Dhawan box office streak इंडस्ट्री में उनका सबसे बड़ा तमगा बनी हुई थी, वह अचानक थम गई थी।

Varun Dhawan Box Office Streak पर अब छलका अभिनेता का दर्द

हाल ही में जब वरुण धवन दोबारा कॉफी विद करण के मंच पर जान्हवी कपूर के साथ पहुंचे, तो बातचीत के दौरान उन्होंने अपने पुराने बयानों पर खुलकर आत्ममंथन किया। वरुण ने बेहद परिपक्वता दिखाते हुए स्वीकार किया कि शोहरत के नशे में कभी-कभी इंसान ऐसी बातें बोल जाता है जो उसे बाद में भारी पड़ती हैं।

वरुण ने कहा:

“मैंने समय के साथ और परिपक्व होने के बाद यह समझा है कि एक कलाकार को सिर्फ और सिर्फ अपने काम से बात करनी चाहिए। कई साल पहले मैंने इसी काउच पर बैठकर अपनी फिल्मों की सफलता और हिट्स का घमंड किया था। मुझे आज ऐसा लगता है कि मैंने खुद ही बोलकर अपनी सफलता को ‘जिंक्स’ (बुरी नजर) कर दिया था। उस दिन के बाद से चीजें बदल गईं।”

वरुण का यह बयान दिखाता है कि बॉक्स ऑफिस के उतार-चढ़ाव ने उन्हें न केवल एक बेहतर इंसान बनाया है, बल्कि इंडस्ट्री की कड़वी हकीकत से भी रूबरू कराया है। उन्होंने यह माना कि जब आप खुद अपनी पीठ थपथपाने लगते हैं, तो कायनात आपके सामने विनम्रता का पाठ पढ़ाने के लिए चुनौतियां खड़ी कर देती है।

अजय देवगन से मिली नई सीख: सफलता और विफलता में संतुलन

अपनी पुरानी गलतियों को स्वीकार करते हुए वरुण धवन ने इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता अजय देवगन का खास उदाहरण दिया। वरुण ने कहा कि वह आज के दौर में अजय देवगन के शांत और तटस्थ स्वभाव के मुरीद हैं।

वरुण के मुताबिक:

  • स्थिरता सबसे बड़ा गुण है: अजय देवगन की चाहे कोई फिल्म 200-300 करोड़ कमा ले या कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाए, उनके चेहरे के हाव-भाव और काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आता।
  • दिखावे से दूरी: फिल्म चलने पर शोर मचाने और न चलने पर डिप्रेशन में जाने के बजाय एक सच्चे कलाकार को हमेशा ग्राउंडेड रहना चाहिए।
  • कर्म ही पहचान है: वरुण ने कहा कि अब वह खुद भी इसी सोच को अपना रहे हैं कि केवल कैमरे के सामने मेहनत करो और बाकी सब दर्शकों और किस्मत के हाथ में छोड़ दो।

Varun Dhawan Box Office Streak से आगे का सफर: नए रास्ते और नई भूमिकाएं

लगातार हिट्स के उस शुरुआती दौर के टूटने के बाद वरुण धवन ने अपनी स्क्रिप्ट चॉइस में काफी बदलाव किया। उन्होंने सुरक्षित और फॉर्मूला आधारित फिल्मों के दायरे से बाहर निकलकर प्रयोग करना शुरू किया:

  • अक्टूबर (2018): शूजित सरकार की इस फिल्म में वरुण ने डैन के किरदार में अपने करियर का सबसे भावुक और सधा हुआ अभिनय पेश किया।
  • जुग जुग जियो (2022): महामारी के बाद थिएटर्स में रिलीज हुई इस फैमिली ड्रामा को दर्शकों ने खूब सराहा और इसने बॉक्स ऑफिस पर सम्मानजनक प्रदर्शन किया।
  • भेड़िया (2022): अमर कौशिक के मैडॉक हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स में वरुण ने एक वेयरवोल्फ का चुनौतीपूर्ण किरदार निभाया, जिसे क्रिटिक्स ने उनके करियर के बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना।

वरुण ने साबित कर दिया कि भले ही 2012 से 2018 वाली Varun Dhawan box office streak टूट चुकी हो, लेकिन एक अभिनेता के तौर पर उनकी भूख और रेंज पहले से कहीं अधिक व्यापक हो चुकी है।

बॉक्स ऑफिस, स्टारडम और फिल्म इंडस्ट्री का सबक

वरुण धवन का यह खुला बयान बॉलीवुड के सभी युवा कलाकारों के लिए एक बड़ा सबक है। फिल्म इंडस्ट्री का इतिहास गवाह है कि बॉक्स ऑफिस का ट्रेंड कभी किसी एक सितारे का गुलाम नहीं रहता। राजेश खन्ना से लेकर अमिताभ बच्चन, और शाहरुख खान से लेकर सलमान खान तक—हर बड़े सुपरस्टार ने भारी असफलताओं और असफल दौर का सामना किया है।

वरुण ने यह समझ लिया है कि रिकॉर्ड्स बनते ही टूटने के लिए हैं। अपनी पुरानी Varun Dhawan box office streak को लेकर जो घमंड कभी उनके अंदर आ गया था, उसे स्वीकार करना और सार्वजनिक रूप से माफी भरे लहजे में बात करना उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। आज का वरुण धवन आंकड़ों की दौड़ में भागने के बजाय ऐसे किरदारों की तलाश में है जो सिनेमा के इतिहास में याद रखे जाएं।

अपने काम पर फोकस करना, बिना शोर मचाए अपनी कला को निखारना और सफलता को सिर पर न चढ़ने देना—यही वह नया मंत्र है जिसके साथ वरुण धवन अपनी फिल्मी पारी के अगले अध्याय की ओर बढ़ रहे हैं।

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